shaifali chauhan's Work | ContraWork by shaifali chauhan
shaifali chauhan

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Cover image for Children's Story Narration (बाल कहानी)
शीर्षक:
Children's Story Narration (बाल कहानी) शीर्षक: "चतुर खरगोश" (हल्की, चंचल आवाज़ में) एक था जंगल... और उस जंगल में रहता था एक छोटा सा, बहुत ही चतुर खरगोश। एक दिन एक बड़ा सा भालू आया और बोला — "मुझे भूख लगी है, मैं तुम्हें खा जाऊँगा!" खरगोश मुस्कुराया और बोला — "पहले मेरे दोस्त शेर से मिल लो, वो पास ही रहता है!" भालू डर गया और भाग गया... और खरगोश हँसते हुए बोला — "चालाकी हमेशा ताकत से बड़ी होती है!" (हँसी के साथ समाप्त) Tone: Playful, light, expressive — ideal for kids' content, audiobooks, animated stories.
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Cover image for Advertisement / Product Promo (विज्ञापन)
शीर्षक:
Advertisement / Product Promo (विज्ञापन) शीर्षक: "स्वाद जो दिल जीत ले" (उत्साहित, आकर्षक आवाज़) क्या आपने कभी सोचा है — एक कप चाय, इतनी खुशियाँ कैसे ला सकती है? पेश है "अमृत चाय" — असली इलायची, ताज़ी पत्तियाँ, और वो पहला घूँट जो दिनभर की थकान मिटा दे। हर सुबह, हर शाम — अपनों के साथ, अमृत चाय के साथ। अमृत चाय — स्वाद जो दिल जीत ले। Tone: Bright, punchy, upbeat — ideal for FMCG/product ads, radio spots.
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Cover image for Corporate / Motivational (प्रेरणादायक वॉइसओवर)
शीर्षक:
Corporate / Motivational (प्रेरणादायक वॉइसओवर) शीर्षक: "हर सुबह एक नई शुरुआत" (ऊर्जावान, आत्मविश्वास से भरी आवाज़) हर सुबह सूरज एक नया मौका लेकर आता है। जो लोग रुक जाते हैं, वो सिर्फ देखते हैं। लेकिन जो आगे बढ़ते हैं — वो इतिहास बनाते हैं। सफलता किस्मत से नहीं, मेहनत और हौसले से मिलती है। तो आज तय कीजिए — कि आप सिर्फ सपने नहीं देखेंगे, उन्हें हकीकत बनाएंगे। क्योंकि बदलाव की शुरुआत... आपसे होती है। Tone: Confident, energetic, corporate/motivational — ideal for brand videos, YouTube intros, training content.
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Cover image for 1. Emotional Storytelling (कहानी सुनाना)
शीर्षक:
1. Emotional Storytelling (कहानी सुनाना) शीर्षक: "वापसी" (धीमी, भावुक आवाज़ में) रात के ग्यारह बजे थे। स्टेशन की बत्तियाँ धुंधली हो चुकी थीं, पर रामलाल की आँखों में अब भी उम्मीद जल रही थी। पाँच साल हो गए थे बेटे को शहर गए। हर चिट्ठी में यही लिखा — "बस अगली दिवाली आऊँगा, बाबूजी।" आज फिर वही ट्रेन आई... वही सीटी बजी... और भीड़ में से एक आवाज़ गूंजी — "बाबूजी!" रामलाल की लाठी हाथ से छूट गई। आँखों में आँसू, चेहरे पर मुस्कान — बरसों का इंतज़ार, आज खत्म हुआ। (भावुक ठहराव के साथ समाप्त) Tone: Warm, emotional, slow pacing — ideal for drama, short films, emotional ads.
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